
पिथौरागढ़, आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियों का जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए, जिसमें धावकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और मैराथन मार्ग की सुगमता पर विशेष जोर दिया गया। छियालेख में एक हेल्प डेस्क स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने आर्मी, एसएसबी, आईटीबीपी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की।
धावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने मैराथन के दौरान धावकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे मैराथन मार्ग पर पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों और एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मार्ग में विभिन्न स्थानों को चिह्नित कर डॉक्टरों की तैनाती सूची तैयार करने को कहा गया। साथ ही, स्नैक्स एवं हाइड्रेशन प्वाइंट स्थापित कर उनकी स्पष्ट मार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि धावकों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती का भी निर्देश दिया गया।
मार्ग की सुगमता पर विशेष ध्यान
मैराथन मार्ग की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी ने बीआरओ के अधिकारियों को मार्ग को सुचारू एवं सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग में जहां भी मलबा, पत्थर अथवा अन्य अवरोध हों, उन्हें समय से हटाया जाए, ताकि धावकों को दौड़ के दौरान कोई परेशानी न हो।
गुणवत्तापूर्ण ठहरने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था
इवेंट मैनेजर को धावकों के लिए टेंट, बैठने तथा ठहरने की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शौचालय, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यवस्थाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियमित निगरानी और समन्वय के निर्देश
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी करने तथा संबंधित विभागों एवं आयोजन से जुड़े सभी पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
छियालेख में होगी हेल्प डेस्क, जारी होंगे आपातकालीन नंबर
संबंधित अधिकारियों को छियालेख में हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। हेल्प डेस्क के माध्यम से आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर धावकों एवं अन्य संबंधित लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
पर्यटन को बढ़ावा देने का उद्देश्य
जिलाधिकारी ने कहा कि आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन का आयोजन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा आदि कैलाश क्षेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक धावक को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे यहां से सुखद एवं सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए आयोजन को सफल बनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी, उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी सहित आर्मी, एसएसबी, आईटीबीपी के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।