लोहाघाट में 84.45 करोड़ की सरयू आधारित पेयजल योजना कार्यों में तेजी, 10 दिनों में पहुंचेंगे पाइप

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चंपावत, 13 सितम्बर 2026: लोहाघाट नगर की पेयजल समस्या के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में लगभग 84.45 करोड़ रुपये की लागत वाली सरयू आधारित लोहाघाट नगरीय पंपिंग पेयजल योजना के कार्यों में तेजी लाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वपूर्ण घोषणा के अनुरूप, इस योजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए जल निगम द्वारा निर्माण कार्यों के साथ-साथ आवश्यक विभागीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

वितरण प्रणाली बिछाने का कार्य शीघ्र होगा शुरू

अधिशासी अभियंता जल निगम, अशोक स्वरूप ने बताया कि योजना के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र में एक नई वितरण प्रणाली विकसित की जानी है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आवश्यक पाइपों का ऑर्डर पूर्व में ही दिया जा चुका है। आगामी 10 दिनों के भीतर ये पाइप कार्यस्थल पर पहुंच जाएंगे। पाइपों के पहुंचते ही नगर पालिका क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का कार्य तत्काल शुरू कर दिया जाएगा और इसे तेजी से पूर्ण करने का लक्ष्य है।

वन भूमि स्वीकृति की प्रतिदिन हो रही मॉनिटरिंग

योजना से संबंधित वन भूमि स्वीकृति का प्रस्ताव वर्तमान में शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इस स्वीकृति की विभाग द्वारा प्रतिदिन गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वीकृति प्राप्त होते ही संबंधित कार्यों को बिना किसी विलंब के आगे बढ़ाया जा सके। योजना के प्रत्येक चरण की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा किया जा सके।

निर्धारित समय में योजना को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता

अधिशासी अभियंता ने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण घोषणा को निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर लाने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। निर्माण कार्य एवं आवश्यक स्वीकृतियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस दोहरी रणनीति से योजना को शीघ्रता से पूरा करने में मदद मिलेगी।

पेयजल व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

सरयू आधारित पंपिंग पेयजल योजना लोहाघाट नगर की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। योजना के पूर्ण होने से नगर की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे वर्तमान जलापूर्ति पर पड़ने वाले दबाव में कमी आएगी और नगरवासियों को बेहतर एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक स्थायी समाधान मिलेगा। यह योजना क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।