मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश परिक्रमा रन में हिस्सा लिया, सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार पर जोर

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पिथौरागढ़, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी पहुंचकर आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में भाग लिया और दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने को सरकार की प्राथमिकता बताया। रं समुदाय ने पारंपरिक वेशभूषा पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 के सफल आयोजन के लिए भारतीय सेना, एसएसबी और आईटीबीपी के सहयोग की सराहना की और उन्हें सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि यह दौड़ प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास और संकल्प की परीक्षा है, जो समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर कठिन परिस्थितियों में आयोजित की जाती है। उन्होंने सभी धावकों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने भारतीय सेना, एसएसबी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के योगदान की सराहना की, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद इस क्षेत्र में पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों का आकर्षण लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में इस क्षेत्र के लिए लगभग 36,500 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 67,000 से अधिक हो गई है, जो सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन और उनकी राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत गांवों को देश के पहले गांव के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास कर रही है। आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजित करने में सहायक हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ जैसे आयोजनों की सराहना मिलने के बाद, अल्ट्रा रन के साथ-साथ एंगलिंग, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों को भी प्रोत्साहित कर रही है। उत्तराखंड अब साहसिक खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ की घोषणा

मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन करेगी। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से प्रारंभ होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक खेलों की संभावनाओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, जिससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।