
पिथौरागढ़, 7 अगस्त 2026
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिनियम के तहत दर्ज विभिन्न प्रकरणों की गहन समीक्षा करना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करना था।
प्रकरणों की समीक्षा और दिए गए निर्देश
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए गए सभी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी मामलों में अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ितों को नियमानुसार अनुमन्य आर्थिक सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से उन प्रकरणों पर जोर दिया जिनमें अनुमन्य राहत राशि का भुगतान अभी भी लंबित है। उन्होंने ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और पात्र पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
दर्ज और निस्तारित प्रकरणों का विवरण
बैठक में जनपद में अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की वर्षवार जानकारी भी प्रस्तुत की गई। वर्ष 2023-24 में अधिनियम के अंतर्गत 4 प्रकरण दर्ज हुए थे। वहीं, वर्ष 2024-25 में 5 प्रकरण, वर्ष 2025-26 में 7 प्रकरण दर्ज किए गए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 4 प्रकरण दर्ज हुए हैं।
समीक्षा के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि विगत वर्षों में दर्ज किए गए सभी प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में दर्ज हुए 4 प्रकरणों में से 2 प्रकरणों का निस्तारण पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 2 प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है।
गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एक बार पुनः निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि पीड़ितों को न केवल न्याय मिले, बल्कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सहायता का लाभ भी शीघ्र प्राप्त हो सके। उन्होंने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी।
उपस्थित सदस्य
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी डी पी एस राठौर, पुलिस उपाधीक्षक जीबी जोशी सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी प्रकरणों के निस्तारण और पीड़ितों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।