नैनीताल की मॉल रोड 1 अगस्त से बनेगी ‘नो हॉर्निंग ज़ोन’, जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

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नैनीताल, 28 जुलाई 2026। माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड के आदेशों के अनुपालन में, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने घोषणा की है कि नैनीताल की मॉल रोड 1 अगस्त 2026 से पूरी तरह से “नो हॉर्निंग ज़ोन (No Honking Zone)” के रूप में प्रभावी होगी। इस निर्णय का उद्देश्य शहर के शांत और स्वच्छ वातावरण को बनाए रखना है, जो नैनीताल की एक प्रमुख पहचान है। इस नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।

जन-जागरूकता अभियान पर जोर

उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक ने बताया कि “नो हॉर्निंग ज़ोन” के संबंध में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत, आवश्यक फ्लेक्स, साइन बोर्ड, होर्डिंग और अन्य प्रचार सामग्री तैयार की जाएगी। अनुमोदन के उपरांत, इन सामग्रियों को प्रमुख स्थानों पर शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा ताकि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को इस नई व्यवस्था की जानकारी मिल सके।

सोशल मीडिया, स्थानीय टीवी चैनलों, केबल नेटवर्क, एलईडी स्क्रीन और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए भी व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर कोई इस महत्वपूर्ण परिवर्तन से अवगत हो।

संकेतक स्थापना और सूचना प्रदर्शन

लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार मॉल रोड के दोनों ओर उपयुक्त स्थानों पर “नो हॉर्निंग ज़ोन” के संकेतक स्थापित करें। ये संकेतक राहगीरों को स्पष्ट रूप से सूचित करेंगे कि वे एक ऐसे क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं जहाँ हॉर्न बजाना प्रतिबंधित है।

नगर पालिका परिषद को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह नगर के प्रवेश द्वारों, सूचना पट्टों, टोल टैक्स रसीदों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर इस संबंध में सूचना प्रदर्शित करे। यह सुनिश्चित करेगा कि शहर में प्रवेश करने वाले सभी लोग इस नियम से अवगत हों।

प्रवर्तन और निगरानी व्यवस्था

पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से “नो हॉर्निंग ज़ोन” का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार चालान और अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि नियमों का कड़ाई से पालन हो, प्रशासन द्वारा आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे, एलईडी डिस्प्ले और अन्य निगरानी व्यवस्थाएं स्थापित की जाएंगी। इससे प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी।

हितधारकों के साथ समन्वय

जिला प्रशासन ने होटल एसोसिएशन, व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन, नाविक संघ और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने की योजना बनाई है। इस सहयोग का उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और नियमों के प्रभावी अनुपालन में उनका सहयोग प्राप्त करना है। इन समूहों की सक्रिय भागीदारी इस पहल की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।

नागरिकों और पर्यटकों से अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नैनीताल के शांत और स्वच्छ वातावरण की पहचान बनाए रखने के लिए “नो हॉर्निंग ज़ोन” के नियमों का पालन करें। अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचने का आग्रह किया गया है, ताकि शहर का शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। यह पहल नैनीताल को एक अधिक सुखद और शांत पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।