चंपावत: बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, ककनई में ₹13 लाख की लागत से बनी पैदल पुलिया

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चंपावत, 16 अगस्त 2026।

बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के तहत, चंपावत के ककनई में लगभग 13 लाख रुपये की लागत से एक पैदल पुलिया का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह पुलिया बूंगा दुर्गापीपल तोक से ककनई इंटर कॉलेज तक स्कूली छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाई गई है।

सुरक्षित मार्ग का महत्व

जिला प्रशासन ने इस परियोजना को ‘ज्ञान सेतु अभियान’ के अंतर्गत महत्व दिया है, जिसका उद्देश्य बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराना है। खंड शिक्षा अधिकारी श्री भारत जोशी ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ककनई के तलाई गधेरे में स्थित यह पैदल पुलिया वर्तमान में आवागमन के लिए पूरी तरह से उपलब्ध और सुरक्षित है।

अनावश्यक जोखिम से बचाव

श्री जोशी ने स्पष्ट किया कि पुलिया के निर्माण के बाद, विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को नदी या गधेरे के दुर्गम और जोखिम भरे रास्तों से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन इस बात को प्राथमिकता दे रहा है कि बच्चों का आवागमन किसी भी प्रकार के खतरे से मुक्त हो।

शॉर्टकट के खतरे

हालांकि, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गणेश सिंह और स्थानीय निवासियों ने एक चिंताजनक पहलू की ओर इशारा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ छात्र-छात्राएं अपनी सुविधा के लिए या लगभग एक किलोमीटर की दूरी बचाने के उद्देश्य से, निर्धारित सुरक्षित मार्ग के बजाय शॉर्टकट रास्तों का उपयोग करते हैं। बरसात के मौसम में, इन शॉर्टकट रास्तों से होकर गुजरना, विशेष रूप से जब गधेरे और नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है।

अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से अपील

इस स्थिति को देखते हुए, खंड शिक्षा अधिकारी श्री भारत जोशी ने सभी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में, केवल उन्हीं मार्गों का उपयोग किया जाना चाहिए जो निर्धारित और सुरक्षित हैं। अनावश्यक रूप से दुर्गम, नदी-नालों या ऐसे रास्तों का प्रयोग करने से बचना चाहिए जो आवागमन के लिए अधिकृत नहीं हैं।

उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित मार्ग से ही विद्यालय आने-जाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।